"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारूकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥"

Wednesday, January 7, 2015


1 comment:

Sanju said...

सुन्दर व सार्थक प्रस्तुति..
होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।